कैनविज टाइम्स,डिजिटल डेस्क। सम्भल जिले के भद्रेश्वर तीर्थ क्षेत्र में स्थित एक पुरानी बावड़ी की खोदाई छठे दिन भी जारी रही। यह बावड़ी ऐतिहासिक महत्व की है और यहां खुदाई के दौरान कई महत्वपूर्ण चीजें निकलने की उम्मीद जताई जा रही है। पुरातत्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम ने इस खोदाई के दौरान बहुमूल्य सैंपल लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
खोदाई में विशेष ध्यान भद्रेश्वर तीर्थ और आसपास के प्राचीन कुओं पर दिया जा रहा है। इन कुओं से पानी और मिट्टी के सैंपल लिए गए हैं, ताकि इनके ऐतिहासिक और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी जानकारी का अध्ययन किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र की खोदाई से स्थानीय इतिहास और जलप्रबंधन प्रणालियों की जानकारी मिल सकती है, जो अतीत में काफी महत्वपूर्ण रही होंगी।
कई इतिहासकारों और पुरातत्वविदों का मानना है कि इस बावड़ी का इतिहास सदियों पुराना हो सकता है और यहां से कई प्राचीन वस्तुएं, मूर्तियां या अन्य सांस्कृतिक धरोहरें मिल सकती हैं। खोदाई में शामिल टीम ने बताया कि इस क्षेत्र के अन्य कुओं और जलाशयों से भी महत्वपूर्ण सैंपल लिए गए हैं, जो इस क्षेत्र के प्राचीन जल प्रबंधन प्रणाली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे।
स्थानीय निवासी और श्रद्धालु इस खोदाई को लेकर उत्साहित हैं और उम्मीद करते हैं कि इससे भद्रेश्वर तीर्थ क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्वता को और अधिक समझा जा सकेगा। अधिकारियों ने कहा कि इस खोदाई के परिणामों को आगे की जांच और शोध के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
